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सूर्यगढ़ा अंचल कार्यालय में निजी दलाल की घुसपैठ का वीडियो वायरल, कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

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रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार
दिनांक:- 06-06-2026

लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड से एक बार फिर अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में अंचल अधिकारी (सीओ) स्वतंत्र कुमार के कार्यालय में एक कथित निजी दलाल को सरकारी अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा जा सकता है।

जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति चंदन कुमार बताया जा रहा है, जो ताजपुर पंचायत के सरपंच अजीत कुमार का भाई है। आरोप है कि वह अंचल अधिकारी के संरक्षण में कार्यालय के भीतर प्रवेश कर सरकारी बक्सा खोलता है, उसमें रखे रजिस्टर-2 की फाइल निकालकर उसके पन्नों को पलटता है तथा कुछ दस्तावेजों को फाड़ता हुआ भी दिखाई दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रजिस्टर-2 एक महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेख है, जिसे स्कैनिंग के बाद आम नागरिकों के लिए देखने पर प्रतिबंध है। नियमानुसार इस अभिलेख का अवलोकन केवल विभागीय कर्मचारियों अथवा संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है। ऐसे में एक निजी व्यक्ति द्वारा सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच और उसके साथ कथित छेड़छाड़ गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला माना जा रहा है।

इसी बीच हाल ही में एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें सूर्यगढ़ा अंचल कार्यालय के कर्मचारी अभिषेक कुमार कथित रूप से अवैध वसूली करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वे नोटों की गड्डियां गिनते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभिषेक कुमार वर्तमान में अंचल अधिकारी स्वतंत्र कुमार के ड्राइवर के रूप में भी कार्यरत हैं तथा कार्यालय के कई विवादित मामलों में उनकी भूमिका चर्चा का विषय रही है।

दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बावजूद अब तक संबंधित कर्मचारी अथवा अंचल अधिकारी के विरुद्ध किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों की पारदर्शिता और जनता का विश्वास बना रहे।

हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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