अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने चमकी बुखार को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि गर्मी और उमस के मौसम में बच्चों में इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि बच्चों को कभी भी खाली पेट नहीं सोने देना चाहिए। उन्हें समय-समय पर पौष्टिक भोजन और पर्याप्त मात्रा में पानी देना जरूरी है। डॉ. प्रसाद ने कहा कि यदि किसी बच्चे में तेज बुखार, शरीर में ऐंठन, बेहोशी, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए।

समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बच्चों को तेज धूप और अत्यधिक गर्मी से बचाएं तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार के लक्षण को नजरअंदाज न करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सतर्कता और समय पर उपचार ही चमकी बुखार से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।






