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परंपरागत पाणिग्रहण संस्कार ही सर्व श्रेष्ठ वैवाहिक पद्धति है -पं-भरत उपाध्याय

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार


बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज मधुबनी के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने बीती रात प्रधानाचार्य पंडित अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय की बिटिया को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज मान्य परम्पराओं को विधिपूर्वक करके समाज में शुभ विवाह को वास्तविक रूप दिया तथा जिस तरह से मंगलाचरण के साथ रात-भर में वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ वह वास्तव में समाज के लिए अनुकरणीय है।


उन्होंने आगे कहा कि आज परिवारों के भीतर बढ़ती हुई हिंसा एवं आपसी तनाव एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनती जा रही है ।छोटी-छोटी बातों पर विवाद ,अहंकार और संवादहीनता के कारण परिवार जो शांति और सुख का केंद्र होना चाहिए ,संघर्ष का स्थल बनता जा रहा है । ऐसे समय में आवश्यक है कि हम अपने परिवार को अहिंसा की प्रयोगशाला बनाएं,जहां विचार व्यवहार और संबंधों में सौम्यता और संतुलन का अभ्यास हो! मन वचन और कर्म की कोमलता का वर्चस्व हो।परिवार में शांति स्थापित करने के लिए सबसे पहले हमें अपनी मानसिक वृत्तियों को शुद्ध करना होगा।

इसके लिए घर के हर सदस्य के प्रति अपनत्व और सद्भाव का भाव हो जो परंपरागत पाणिग्रहण संस्कार से संभव है।
इस अवसर पर आचार्य नीरज शांडिल्य,पंडित रामनारायण ओझा, पंडित राजेश द्विवेदी, पंडित अवध किशोर मिश्रा, पंडित प्रकाश पांडेय, पंडित विजय चौबे,संतोष सिंह राठौड़, उदय प्रताप सिंह, दिनेश कुमार गुप्ता, सुनील गुप्ता, उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव, किरण कुमारी सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। वरिष्ठ भाजपा नेता पंडित शैलेन्द्र मोहन पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया।

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