जिला पदाधिकारी स्वयं देवप्रकाश पांडेय के घर पहुँचे और किया अवलोकन।
‘ज्ञान भारतम’ ऐप पर दुलर्भ पांडुलिपियों को कराया अपलोड।
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिले के काली बाग क्षेत्र में स्थित श्री देवप्रकाश पांडेय के आवास से दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र सहित कई दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियों के मिलने की सूचना जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण को लेकर जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह स्वयं उनके आवास पहुंचे और पांडुलिपियों का अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने पांडुलिपियों की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण और डिजिटलीकरण अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें।

डीएम ने मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों को निर्देश दिया कि पांडुलिपियों का सुरक्षित तरीके से डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र एवं अन्य प्राचीन पांडुलिपियों को भारत सरकार की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल ‘ज्ञान भारतम ऐप’ पर अपलोड कराया गया, जिससे इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को व्यापक स्तर पर संरक्षित एवं अध्ययन योग्य बनाया जा सके।जिला पदाधिकारी ने कहा कि पश्चिम चम्पारण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध जिला रहा है। यहां समय-समय पर ऐसी कई महत्वपूर्ण धरोहरें सामने आती रही हैं, जो भारतीय सभ्यता और ज्ञान परंपरा की गहराई को दर्शाती हैं। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि उनके पास किसी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हों, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कराया जा सके।

इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री राकेश कुमार सहित संस्कृताचार्य श्री कृष्णमोहन प्रसाद, श्री प्रशांत कुमार सहित स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






