माता पिता और गुरु कृपा से हम बनते हैं आदर्श शिक्षक -पं-भरत उपाध्याय

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार


माता पिता जन्म देते हैं और गुरुजन जीवन इसे ध्येय मंत्र मानकर रत्नमाला के प्रतिष्ठित विद्वान परिवार के कुलभूषण पंडित शुभ्रांशुधर मिश्र ने अपने सहोदर भाईयों पंडित विदुधर मिश्र एवं शीतांसुधर मिश्र के अधिवक्ता बन जाने पर अपने पितामह एवं पिताजी के पदचिन्हों पर चलते हुए, शिक्षण कार्य शुरू किया। इस क्रम में विद्वान शिक्षक शुभ्रांशुधर जी केंद्रीय विद्यालय, सरस्वती विद्या मंदिर, मिशन हाई स्कूल और अंततः राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिंगाड़ी में सेवा करते हुए कल 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत हो गये।


इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य पंडित भरत उपाध्याय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि श्री मिश्र वास्तव में विद्वान एवं आदर्श शिक्षक हैं। इनके द्वारा पढ़ाये शिष्य, आज उच्च पदों पर सेवारत हैं। इनके व्यक्तित्व से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र काफी ऊर्जावान है। विदाई समारोह में उपस्थित छात्र -छात्राएं, शिक्षक, अभिभावकों ने अंगवस्त्र, गीता पुस्तक और माला पहनाकर, सभी ने भारी मन से पुष्प वर्षा कर इनके स्वस्थ एवं दीर्घजीवन की शुभकामनाएं दिया।

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