सरकारी स्वीकृति में देरी, 27 जनवरी को 8 लाख बैंककर्मी हड़ताल पर

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रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण,बिहार
दिनांक:- 24-01-2026

पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की लंबित मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल में देशभर के लगभग 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे। हड़ताल का असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी बैंकों, विदेशी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों पर पड़ेगा।

UFBU देश की बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी 9 प्रमुख यूनियनों का संयुक्त मंच है। इसमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज़ एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयीज़ (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एम्प्लॉयीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयीज़ फेडरेशन (INBEF), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC), नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) तथा नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO) शामिल हैं।

मुख्य मांग: पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह

UFBU की प्रमुख मांग बैंकिंग उद्योग में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है। इसके तहत वर्तमान में दूसरे और चौथे शनिवार के अतिरिक्त शेष सभी शनिवारों को भी अवकाश घोषित किए जाने की मांग की गई है। यह मांग भारतीय बैंक संघ (IBA) और UFBU के बीच 7 दिसंबर 2023 को हुए समझौता ज्ञापन तथा 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट/जॉइंट नोट में की गई सिफारिशों के अनुरूप है।

सरकारी स्वीकृति लंबित, बढ़ा असंतोष

UFBU ने बताया कि वर्ष 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते/7वें जॉइंट नोट के दौरान यह आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद 2022 और 2023 में सरकार, IBA और UFBU के बीच हुई बैठकों में यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य समय बढ़ाकर सभी शनिवारों को अवकाश दिया जाएगा। यह प्रस्ताव विधिवत सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो वर्षों से इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

पहले भी टली थी हड़ताल

UFBU ने बताया कि सरकार की ओर से ठोस निर्णय न मिलने के कारण पहले 24 और 25 मार्च 2025 को दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की गई थी, जिसे सरकार के “विषय विचाराधीन है” के आश्वासन पर स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद अब तक स्वीकृति न मिलने से बैंक कर्मचारी और अधिकारी स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

भेदभाव का आरोप

UFBU ने कहा कि रिज़र्व बैंक, एलआईसी, जीआईसी, केंद्र व राज्य सरकार के कार्यालय, स्टॉक एक्सचेंज, मनी मार्केट और विदेशी मुद्रा से जुड़े संस्थान पहले से ही सोमवार से शुक्रवार तक कार्य करते हैं। बैंकों में भी दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश की व्यवस्था है, जबकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सेवाएं लगातार उपलब्ध हैं। ऐसे में केवल बैंक कर्मियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।

ग्राहकों से सहयोग की अपील

UFBU ने बैंक ग्राहकों से अपील की है कि हड़ताल के कारण उत्पन्न होने वाली असुविधा के लिए वे सहयोग और समझ बनाए रखें।यह जानकारी एआईबीओसी बिहार इकाई के सचिव अमरेश विक्रमादित्य ने दी।

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