रेलवे अधिनियम की उड़ रही धज्जियां, प्लेटफार्म नंबर–2 पर अनधिकृत प्रवेश

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रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण,बिहार
दिनांक:- 15-12-2025

मां शारदा की धार्मिक नगरी मैहर स्थित रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर–2 पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्टेशन परिसर में प्रशासन की अनुमति के बिना नियम विरुद्ध खुले रास्ते न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि यह स्थिति कभी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है।

रेलवे उपभोक्ता संरक्षण सलाहकार फोरम, नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव रवींद्र सिंह (मंजू सर) ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि प्लेटफार्म क्षेत्र में खुले इन अवैध रास्तों का खुलेआम उपयोग बिना टिकट यात्री, असामाजिक तत्व एवं अनधिकृत लोग कर रहे हैं। यह रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 (अनधिकृत प्रवेश) का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म नंबर–2 क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। इसके बावजूद वहां चौड़ा रास्ता हमेशा खुला रखा गया है, जबकि यात्रियों के लिए सीढ़ीदार पुल एवं स्टेशन से बाहर जाने के लिए निर्धारित मार्ग पहले से मौजूद हैं। जल्दबाजी में यात्री उसी अवैध रास्ते का उपयोग करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस रास्ते से जानवरों का प्रवेश भी लगातार होता रहता है, जो रेल संचालन और यात्रियों की जान दोनों के लिए खतरा है।

बताया गया कि स्टेशन प्रशासन द्वारा पूर्व में रास्ता बंद करने के लिए बीच में तार लगाया गया था, लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा उसे बार-बार खोल दिया जाता है। ऐसे में उस स्थान पर स्थायी दीवार अथवा बाउंड्री निर्माण ही एकमात्र सुरक्षित समाधान है। पूर्व में भी इस क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं, चोरी एवं अव्यवस्था की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनके पीछे ऐसे ही नियम विरुद्ध रास्ते प्रमुख कारण रहे हैं।

रेलवे उपभोक्ता संरक्षण सलाहकार फोरम ने मांग की है कि सभी रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफार्म क्षेत्रों का तत्काल सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए, नियम विरुद्ध खुले सभी रास्तों को तुरंत बंद किया जाए तथा सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

रवींद्र सिंह (मंजू सर) ने स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि लाखों रेल यात्रियों की जान से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय है, जिस पर रेलवे प्रशासन को शीघ्र और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

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