अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण, बिहार
मझौलिया प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय दुबौलिया में शुक्रवार को मध्यान भोजन खाने के बाद अचानक आठ बच्चों और एक रसोइया की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही सीएचसी मझौलिया से एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी बीमार बच्चों व रसोइया बबीता कुमारी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉ. प्रगति ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि सभी बच्चे अब सामान्य स्थिति में हैं और मामला स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का प्रतीत होता है। बीमार छात्रों ने बताया कि मध्यान भोजन में मिले अंडे खाने के तुरंत बाद उनके पेट में तेज दर्द होने लगा और दस्त शुरू हो गया। कई बच्चों ने यह भी बताया कि परोसे गए अंडे खराब थे तथा कुछ अंडों में कीड़ा तक दिखाई दे रहा था। कई छात्रों ने अंडा खाना छोड़ दिया, लेकिन तब तक कुछ बच्चे इसे खा चुके थे। रसोइया बबीता कुमारी ने भी अंडे की खराब गुणवत्ता की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने खुद भोजन चखा था और उन्हें भी तबीयत बिगड़ने के लक्षण महसूस हुए। उन्होंने दावा किया कि अंडे बेहद निम्न गुणवत्ता के थे, जिसके कारण सभी की तबीयत खराब हुई।

घटना की जानकारी मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफ्फिजुर रहमान सीएचसी पहुंचे और सभी बच्चों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी सुरक्षित हैं और किसी तरह का खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि यह मामला फूड पॉइजनिंग का पाया जाता है, तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। बीमार बच्चों में कक्षा 5 की अर्चना कुमारी, शहजादी प्रवीण, कक्षा 4 के निकउद प्रवीण, तस्लीम आरिफ, कंगना ठाकुर, अनुष्का कुमारी, कक्षा 2 की रेश्मा कुमारी, कक्षा 1 की ज्योति कुमारी तथा रसोइया बबीता कुमारी शामिल हैं। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में मध्यान भोजन की गुणवत्ता को लेकर रोष व्याप्त है। कई लोगों ने कहा कि बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की सही निगरानी और गुणवत्ता जांच अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।






