बगहा में झोलाछाप डॉक्टर ने की महिला की जान से खिलवाड़, ऑपरेशन के दौरान मां-बच्चे की मौत, गिरफ्तार

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विजय कुमार शर्मा – बगहा पश्चिम चंपारण
दिनांक:- 25-06-2025

नगर थाना क्षेत्र के चखनी गांव में बुधवार की दोपहर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई जब एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा की गई लापरवाही भरे ऑपरेशन में प्रसव पीड़िता महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने शोर मचाया, सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर मनोज कुमार यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया। मृतका की पहचान मुन्नी देवी (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसकी शादी धनहा थाना क्षेत्र के रविंद्र राम से हुई थी। घटना के वक्त वह अपने पिता चन्द्रिका राम के घर नगर थाना के बनचहरी गांव में रह रही थी। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह मुन्नी की चाची रामवती देवी उसे अनुमंडलीय अस्पताल सुरक्षित प्रसव के लिए लेकर पहुंचीं, जहां चिकित्सकों ने खून की कमी बताते हुए उसे जीएमसी बेतिया रेफर कर दिया। स्वजन जब बेतिया जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी छत्ररोल निवासी गंगाजली देवी ने उन्हें बरगलाया और चखनी गांव में एक तथाकथित कुशल डॉक्टर के पास ले गईं।

बताया जाता है कि सूरज हॉस्पिटल के नाम से संचालित झोलाछाप क्लिनिक में डॉक्टर मनोज कुमार यादव ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए तत्काल ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद न तो मां बच पाई और न ही नवजात। घटना के बाद स्वजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। नगर थाना अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि मौके से झोलाछाप डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि आरोपी मनोज कुमार यादव पर पहले भी एक महिला की जान लेने का आरोप है। 11 मार्च 2024 को नगर थाना के सामने स्थित इसी हॉस्पिटल में वार्ड संख्या 27, पंवरिया टोला निवासी मोहम्मद बादशाह की बहू कमरुन्न नेशा की मौत ऑपरेशन के दौरान हुई थी। उस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी, लेकिन आरोपी जमानत पर छूट गया और फिर धंधा शुरू हो चुका था ।

स्वास्थ्य विभाग उस समय भी मूकदर्शक बना रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में दर्जनों झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं। डीएम के आदेश के बावजूद अवैध क्लिनिकों की न तो नियमित जांच हो रही है और न ही उन पर कार्रवाई। स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि कब तक इन झोलाछाप डॉक्टरों का मनमाना राज चलता रहेगा और स्वास्थ्य विभाग कब तक मूकदर्शक बना रहेगा। अब मांग उठ रही है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाए और पूरे जिले में अवैध क्लिनिकों की व्यापक जांच कराई जाए।

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