वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकि ऋषि की तपोभूमि वाल्मीकि नगर मे माघ मेले के बाद कचरों का अंबार लग गया है जिसकी सफाई पर्यटन विभाग, वन विभाग, जलसंसाधन विभाग समेत स्थानीय ग्राम पंचायत व प्रशासन के लिए चुनोती भरा कार्य बन गया है। बतादें की माघ मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के मौके पर भारी संख्या मे श्रधालुओ का वाल्मीकिनगर मे आना होता है। वहीं इस अवसर पर मेले का भी आयोजन होता। बतातें चले की पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर के सभी मुख्य चौक चौराहों पर मेला की दुकाने लगती है।

इंडो नेपाल सीमा गंडक बराज,, मरीन ड्राइव के दोनों तरफ, 1910 ईस्वी चौक, हॉस्पिटल चौक, उपरी शिविर स्थित इको पार्क, केनोपी झूला,त्रिवेणी स्थल, कालेश्वेर घाम, जटाशंकर चेकनाका,छाता चौक, हाई स्कूल ग्राउंड, तीन आरडी, वाल्मीकि सभागार सड़क मार्ग समेत मेला मुख्य परिसर गोल चौक मे कचरों का अंबार लग गया है। समाजसेवी अमित कुमार सिंह व कालेश्वेर शर्मा ने समाजसेवी संस्था से पर्यटन नगरी के साफ सफाई के लिए आगे आने का आह्वान किया है साथ ही सभी एजेंसियों से भी आगे बढ़कर हाथ बढ़ाने का आग्रह किया है। ताकि पर्यटननगरी वाल्मीकिनगर अपने पूर्व की रंग मे लौट आए।






