विधायक सुरेंद्र प्रसाद का प्रशासन पर तीखा हमला
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। वाल्मीकि नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक सुस्ती के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पश्चिम चंपारण (बेतिया) के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार को एक आधिकारिक पत्र लिखकर बगहा अनुमंडल अस्पताल के नए, अत्याधुनिक भवन का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि टेंडर प्रक्रिया वर्षों पहले पूरी हो जाने के बावजूद कार्य शुरू न होना विभागीय लापरवाही का गंभीर उदाहरण है और यह सीधे तौर पर जनता के साथ खिलवाड़ है।
⭐ चुनावी वादे, टेंडर पूरे… फिर भी निर्माण ठप
अपने पत्र में विधायक ने उल्लेख किया है कि चुनाव से पूर्व ही अस्पताल भवन निर्माण से संबंधित निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन आज तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो फिर ऐसे अहम प्रोजेक्ट फाइलों में क्यों दबे पड़े हैं।
⭐ जर्जर भवन, मजबूर मरीज और लाचार स्वास्थ्य व्यवस्था
विधायक ने बगहा की विषम भौगोलिक स्थिति की ओर भी सिविल सर्जन का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि बगहा एक सुदूरवर्ती क्षेत्र है, जहाँ की लाखों आबादी पूरी तरह इसी अनुमंडल अस्पताल पर निर्भर है। वर्तमान अस्पताल भवन जर्जर अवस्था में है और संसाधनों का भारी अभाव है। हालात इतने खराब हैं कि गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेतिया या उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेफर करना पड़ता है, जिससे कई बार मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है
⭐ आधुनिक सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ती व्यवस्था
विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने निर्माण कार्य रुकने से उत्पन्न समस्याओं को बिंदुवार रेखांकित किया—
मशीनों का अभाव: डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन और लाइफ सेविंग उपकरण नए भवन के बिना स्थापित नहीं हो पा रहे। बेड की कमी: पुराने भवन में जगह कम होने से मरीजों को पर्याप्त बेड और समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा।
जनता में रोष: टेंडर के बावजूद काम शुरू न होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, जिसे विधायक ने “सरकारी योजनाओं की विफलता” बताया।
पत्र के अंत में विधायक ने जनहित को सर्वोपरि बताते हुए सिविल सर्जन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को अविलंब निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया जाए।
साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो यह मामला विधानसभा की याचिका समिति के समक्ष उठाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर बगहा की जनता यूं ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजार में जूझती रहेगी।






