बिहार के सिवान से पंकज सिंह की रिपोर्ट
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और अनुशासन का विशेष वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी वर्गों के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
विवेकानंद जयंती समारोह में बच्चों ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, उनके विचारों और देश-समाज के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। विद्यालय प्रबंधन द्वारा बताया गया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भाषण, विचार-प्रस्तुति एवं प्रेरणादायक कथनों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

इस अवसर पर क्षेत्र के लोग अपने दैनिक कार्य छोड़कर स्कूल परिसर में पहुंचे और समारोह में भाग लेकर स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध विचारों को याद किया गया, जिनमें “अगर हौसले में जान हो तो उड़ान तुमसे दूर नहीं, अगर दिल में अरमान हो तो आसमान तुमसे दूर नहीं” जैसे प्रेरणादायक कथन शामिल रहे। साथ ही उनका अमर संदेश “उठो, जागो और तब तक चलते रहो जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” छात्रों को आत्मनिर्भर और कर्मठ बनने की प्रेरणा देता रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ किया गया।






