शराब के नशे में वाहन चलाते सहायक विद्युत अभियंता और लिपिक गिरफ्तार
रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार
दिनांक:- 24-10-2026
भागलपुर। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद सरकारी विभागों में जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों और कर्मियों द्वारा कानून की अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। भागलपुर जिले के कजरैली थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाने के आरोप में सहायक विद्युत अभियंता और एक पत्राचार लिपिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वाहन जब्त कर दोनों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कजरैली थाना क्षेत्र में पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक चारपहिया वाहन तेज गति से आता दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। इसके बाद पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन की घेराबंदी की और उसे रोक लिया।वाहन रुकने के बाद पुलिस ने उसमें सवार लोगों से पूछताछ की। इस दौरान उनके मुंह से शराब की दुर्गंध आने पर पुलिस को शराब सेवन का संदेह हुआ। इसके बाद दोनों को कजरैली थाना लाया गया, जहां ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की।

बताया गया है कि वाहन अमरपुर में पदस्थापित सहायक विद्युत अभियंता अरविंद कुमार चला रहे थे। उनके साथ पत्राचार लिपिक राजवीर कुमार भी वाहन में सवार थे। पुलिस ने वाहन जब्त कर दोनों के विरुद्ध बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बिहार में शराब के सेवन, बिक्री और परिवहन पर प्रतिबंध के बीच सरकारी पदों पर कार्यरत कर्मियों से कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में शराब के नशे में वाहन चलाने और पुलिस के रोकने के प्रयास के बावजूद वाहन नहीं रोकने का मामला सामने आने से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में पुलिस की कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद विद्युत विभाग की ओर से अब तक किसी विभागीय कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या विभाग इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करेगा या मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा।अब निगाहें विद्युत विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। हालांकि, इस मामले में विभागीय कार्रवाई की स्थिति और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
