Monday, September 28, 2026
No menu items!
Google search engine
Home आस पास गयाजी में श्राद्धकर्म के साथ पूर्वजों के निमित्त प्रत्येक व्यक्ति को तर्पण...

गयाजी में श्राद्धकर्म के साथ पूर्वजों के निमित्त प्रत्येक व्यक्ति को तर्पण अवश्य करना चाहिए- पं०भरत उपाध्याय

0
23

विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार


बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने पंडित आनंद पाण्डेय सपत्नीक को, गया के लिए प्रस्थान के अवसर पर स्वागत करते हुए कहा कि –
” श्रद्धया इदं श्राद्धम ” श्रद्धा ही श्राद्ध है। गयाजी में श्राद्धकर्म के बाद भी प्रत्येक व्यक्ति को अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध अवश्य करना चाहिये। पौराणिक मान्यता है कि पितृपक्ष में पितर जल के लिये कहते हैं कि हमारे कुल में ऐसा कोई बुद्धिमान सदपुरूष जरूर होगा जो हमारा पिंडदान करेगा। ऐसा नहीं करने वाले पितरों के कोप के भागी होते हैं। पितृपक्ष में श्राद्ध और नित्य तर्पण करना चाहिये। गयाजी में श्राद्धकर्म की विशेष महिमा है, इसके पश्चात ही पितर देवलोक प्रस्थान करते हैं। कुछ लोग गयाजी के श्राद्ध को अंतिम मानते हुए इसके बाद तर्पण श्राद्ध नहीं करने का परामर्श देते हैं जो सही नहीं है। गयाजी और ब्रह्मकपाली में श्राद्धकर्म के बाद भी तर्पण, ब्राह्मण भोजन बंद नहीं करना चाहिये।एक और प्रमुख जिज्ञासा का समाधान में स्पष्ट किया गया है कि ऐसा नहीं है कि गयाजी में श्राद्धकर्म परिवार के ज्येष्ठ पुत्र द्वारा ही किया जाना चाहिये बल्कि सभी अन्य भाई- बहनों, पुत्रवधु आदि को भी मौजूद रहकर इसमें उत्साह से भागीदारी करना श्रेयस्कर है अन्यथा पितृदोष से दोषरहित कैसे होंगे।

आजकलज्यादातर परिवारों में यह कार्य ज्येष्ठ पुत्र पर छोड़कर शेष परिजन इस पवित्र कर्त्तव्य के प्रति विमुख रहकर तमाशबीन की तरह अमर्यादित व्यवहार करते नज़र आते हैं मेरे जो सर्वथा गलत है। सर्व तीर्थ मयी माता, सर्व देव मय: पिता। मातरं पितरं तस्मात सर्व यत्नेन पूजयेत। “
इस अवसर पर संजय मिश्रा, दयाशंकर पांडेय,रमाशंकर पांडेय,रामेश्वर पांडेय, सुमित पांडेय ,गोपाल पांडेय ,दिनेश कुमार गुप्ता सहित सैकड़ो गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!