अपने तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचे विदेशी दंपति वाल्मीकि नगर का प्राकृतिक सुंदरता को देख हुए आनंदित
वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
पर्यटन नगरी वाल्मीकि नगर में बुधवार को भ्रमण पर कोलंबिया और फ्रांस के पर्यटकों के आने से एक बार फिर सुनसान पड़े जंगल कैंप में बहार आ गया। कोलंबिया में रहने वाले बिहार के झंझारपुर कोठियार गांव निवासी पंकज झा अपनी 10 वर्षीय बेटी चंद्रिका कैमलिन झा और फ्रांस की रहने वाली कैमलिन ग्रेगिया के साथ वन भ्रमण के लिए वाल्मीकिनगर पहुंचे। अपने तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचे विदेशी दंपति वाल्मीकि नगर की प्राकृतिक सुंदरता को देख आनंदित हो गए। लेकिन उन्हें जंगल सफारी करने का मौका नहीं मिला। बावजूद इसके विदेशी दंपति ने सावन के पावन महीने में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में स्थित महादेव जटाशंकर और कालेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना कर समाज कल्याण की कामना की। वन क्षेत्र में भ्रमण के बाबत कोलंबिया में रहने वाले झंझारपुर निवासी पंकज झा ने बताया कि चंपारण के वाल्मीकि नगर के बाबत जानकारी मिली थी। वास्तव में यहां की प्राकृतिक सुंदरता गोवा और कश्मीर से कम नहीं है।

सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है कैमलिन और पंकज: कोलंबिया के एक सॉफ्टवेयर कंपनी में फ्रांस की रहने वाली कैमलिन पंकज झा से पहले इंजीनियर के पद पर कार्यरत थी। 2015 में दोनों की काम करने के दौरान दोस्ती हुई और दोनों परिणय सूत्र में बंध गए। दोनों के परिजनों द्वारा शादी के लिए राजी होने के बाद भारतीय विधि विधान से कोलंबिया में ही शादी संपन्न हुई। हिंदू धर्म अपनाने की शर्त पर शादी के लिए बनी सहमति: झंझारपुर के कोठियार गांव निवासी पंकज झा ने बताया कि कोलंबिया में हम बिहार से संबंध रखने वाले ब्राह्मण जाति के इंजीनियर थे। हम सनातन धर्म को मानने वाले थे। कैमलिन का परिवार ईसाई धर्म को मानता था। कैमलिन से हमने हिंदू धर्म अपनाने की बात कही। इस पर वह राजी हो गई। उसके बाद हम लोग परिणय सूत्र में बंध गए। मेरी पत्नी भगवान शंकर की भक्ति है। मैं भगवान हनुमान का उपासक हूं।






