घनी आबादी वाले बाजारी टोला में बंद मकान को बनाया निशाना, सीधे जेवरात वाले कमरे तक पहुंचे चोर; फॉरेंसिक टीम जुटी, रेकी के बाद वारदात की आशंका।
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
ठकराहा थाना क्षेत्र के बाजारी टोला में सोमवार रात हुई करीब 35 लाख रुपये की चोरी की सनसनीखेज वारदात ने स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और रात्रि गश्त की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सड़क से सटे घनी आबादी वाले इलाके में चोरों ने बंद मकान को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों में पुलिस व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार गृहस्वामी पातर तिवारी किसी आवश्यक कार्य से परिवार सहित घर से बाहर गए हुए थे। मंगलवार सुबह लौटने पर उन्होंने देखा कि घर के तीन दरवाजों की कुंडियां क्षतिग्रस्त थीं और कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी का लॉक टूटा हुआ था तथा उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात, बेटे की शादी के लिए सुरक्षित रखे करीब 4.5 लाख रुपये नकद समेत अन्य कीमती सामान गायब थे। पीड़ित परिवार ने चोरी से लगभग 35 लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का दावा किया है।
एक जैसी टूटीं तीनों कुंडियां, हाई-टेक तरीके से वारदात की चर्चा
घटना के बाद सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि चोरों ने पारंपरिक तरीके से ताला नहीं तोड़ा। ग्रामीणों के अनुसार तीनों दरवाजों की कुंडियां एक जैसी स्थिति में क्षतिग्रस्त मिलीं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने किसी संदिग्ध केमिकल या विशेष औजार का इस्तेमाल किया होगा। हालांकि पुलिस ने अभी तक केमिकल के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इस पहलू की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है।
सीधे जेवरात वाले कमरे तक पहुंचे चोर, रेकी की आशंका गहराई
ग्रामीणों का कहना है कि चोरों ने पूरे घर में अंधाधुंध तलाश नहीं की, बल्कि सीधे उसी कमरे तक पहुंचे जहां जेवरात और नकदी रखी हुई थी। इससे यह संदेह और मजबूत हुआ है कि अपराधियों ने पहले से मकान की रेकी की थी या उन्हें घर के भीतर रखे सामान की सटीक जानकारी थी। पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है।
घटना के बाद लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ाने, सक्रिय अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाके में इतनी बड़ी वारदात का होना अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का संकेत है।
थानाध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर रमाकांत तिवारी की निगरानी में फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हैं। पुलिस तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी। अधिकारियों का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।






