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बेगूसराय DTO कार्यालय में विजिलेंस का बड़ा छापा, रिश्वत लेते क्लर्क-बिचौलिया गिरफ्तार

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रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार
दिनांक:- 14-06-2026

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने शुक्रवार को बेगूसराय जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लिपिक और एक बिचौलिये को 6,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई तथा कई कर्मचारी दफ्तर छोड़कर निकल गए। निगरानी ब्यूरो मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के सकरौली निवासी सत्यम कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वाहन स्वामित्व हस्तांतरण (ओनरशिप ट्रांसफर) के कार्य के लिए DTO कार्यालय में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसके बाद निगरानी ब्यूरो ने कांड संख्या 0-063/26 दर्ज कर डीएसपी रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में विशेष धावादल टीम का गठन किया।

पूर्व नियोजित कार्रवाई के तहत टीम ने जाल बिछाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बेगूसराय DTO कार्यालय के लिपिक संजय कुमार तथा बिचौलिया शिवानंद झा शामिल हैं। संजय कुमार को कार्यालय कक्ष से जबकि शिवानंद झा को व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय के दक्षिणी गेट के समीप रिश्वत की राशि के साथ पकड़ा गया।

जांच में भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की आशंका

निगरानी विभाग की प्रारंभिक पूछताछ में परिवहन कार्यालय में भ्रष्टाचार के संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, कार्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए कथित रूप से तय दरों पर अवैध वसूली की जाती थी और कई बिचौलिये पूरे दिन परिसर में सक्रिय रहते थे। जांच के दौरान मुंगेर निवासी एक अन्य लिपिक चंद्रप्रकाश गौतम का नाम भी सामने आया है। उन पर भी अवैध वसूली में संलिप्त होने का आरोप है। फिलहाल उनकी तलाश की जा रही है।

पटना ले जाकर पूछताछ

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को निगरानी ब्यूरो की टीम पटना ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भागलपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकारी सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और बिचौलियों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा आम नागरिकों से रिश्वत मांगने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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