बिहार के मांझागढ़ से सुधीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मांझागढ़ /गोपालगज ।किसानों के सिंचाई लिए सरकार के द्वारा नहर की व्यवस्था की गई है धान की खेती करना हो या रवि की खेती करनी या अरहर कि खेती करनी हो किसानों की खेती सिंचाई पर ही निर्भर है । परन्तु गण्डक विभाग के द्वारा समय समय पर नहर की सफाई नही कराने से नहर झाड़ियों में तब्दील होते दिख रहा है जिसके वजह से समय पर नहर में पानी की सप्लाई भी नही हो पाती है जिसके कारण किसान समय से खेती नही कर पा रहे है । मई से जून तक किसानों के द्वारा मक्का की और अरहर तथा धान की बिचरा तैयार करने के लिए पानी की आवश्यकता है ।अगर समय पर मानसून साथ दे दिया तो समय से किसान खेती कर सकते है । समय पर मानसून साथ नही दिया तो किसानो के खेती की सिंचाई करने हेतु नहर की व्यवस्था की गई है परन्तु गण्डक विभाग के द्वारा नहर की सफाई कराने की व्यवस्था समय पर नही रहने के कारण नहर के भरोसे किसान खेती समय पर नही कर पाएंगे क्यो की सरकारी व्यवस्था सुदृढ़ नही है। नही नहर की सफाई हो रही है नही नहर में समय पर पानी की सप्लाई हो रही है इस परिस्थिति में किसान इस्रायल मिया , चन्दमा भगत , पारस बैठा ,योगेंद्र चौबे , रामनाथ भगत,मुन्नी प्रसाद काकहना है कि सरकार के द्वारा किसानों के आय दो गुना करने की प्रयास विफल होने के समान है किसानों के आय दो गुना करने के लिए समय पर सिमचाई की व्यवस्था सरकार करना चाहिए तथा बन्द पड़े ट्यूबेल को चालू कराना चाहिए तथा खाद और बीज मुफ्त देने की व्यवस्था करनी चाहिए तब किसानों की आय दो गुना हो सकती है।






