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पुरुषोत्तम मास तप,संयम और सेवा का महीना है-रघुनंदन जी महाराज

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार


मधुबनी, बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने देवरिया के बारीपुर धाम में स्थित ठाकुर जी के मंदिर में शिव महापुराण कथा में सम्मिलित होकर विद्वान कथावाचक रघुनंदन जी महाराज एवं उत्तराधिकारी पीठाधीश्वर श्री गोपाल दास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा श्रवण कराते हुए रघुनंदन महाराज ने कहा कि -पुरुषोत्तम मास को तप, संयम और सेवा का महीना माना जाता है। इस समय गर्मी अधिक होती है, इसलिए भक्ति भी ऐसी होनी चाहिए जो मन को शांत और जीवन को सरल बनाए।

आप इस तरह भक्ति कर सकते हैं:सुबह जल्दी उठकर पूजा करें,सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और भगवान का ध्यान करें। विशेष रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है।
जल सेवा (पानी पिलाना)
सबसे बड़ा पुण्य है प्यासे को पानी पिलाना। रास्ते में मिट्टी के घड़े (प्याऊ) लगवाना या पक्षियों के लिए पानी रखना बहुत फलदायी होता है।
व्रत और उपवास,इस महीने के मंगलवार को‌ श्री हनुमान जी का व्रत रखना विशेष फल देता है।
मंत्र जप और पाठ, ऊं नमः शिवाय,“राम-नाम” का जप करें,हनुमान चालिसा का पाठ करें।विष्णु भगवान का ध्यान करें।दान-पुण्य करें इस महीने में ठंडी चीजों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है जैसे:जल, छाछ, फल, वस्त्र, पंखा आदि।सात्विक जीवन अपनाएं क्रोध, झूठ, और बुरे विचारों से दूर रहें।

सरल और शांत जीवन जीना ही सच्ची भक्ति है।
प्रकृति और जीवों की सेवा
पेड़-पौधों को पानी देना, गाय, कुत्तों और पक्षियों को खाना-पानी देना भी बहुत पुण्य देता है।
इस अवसर पर कृपा शंकर चौबे, दिनेश कुमार गुप्ता सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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