विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बिहार में गर्भवती महिलाओं के बीच बढ़ती एनीमिया की समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में एनीमिया की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है NFHS-5 के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में करीब 63 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत 52 प्रतिशत से काफी अधिक है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा बढ़कर 63.9 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

इसी समस्या से निपटने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश में आज 26 मार्च 2026 को सुबह 10:00 बजे Ferric Carboxymaltose (FCM) Injection थेरेपी अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की दर में कमी आएगी और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा। अभियान के उद्घाटन सत्र में उपाधीक्षक के अलावा डॉ सुरेंद्र प्रसाद अग्रवाल डॉक्टर शिवांगी कुमारी गुप्ता जिला से आई पिरामल की टीम राजू सिंह राजेश कुमार झा रवि कुमार मोहम्मद अब्दुल्ला सिस्टर इंचार्ज किरण कुमारी एवं तमाम नियम के साथ-साथ अस्पताल के सभी कर्मी उपस्थित रहे।






