विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
पश्चिम चम्पारण जिला के बगहा अनुमण्डल अंतर्गत भितहा प्रखंड में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान मंगलवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब फाइलेरिया की दवा सेवन के बाद आधा दर्जन लोग अचानक बीमार पड़ गए। दवा खाने के कुछ ही देर बाद मरीजों को उल्टी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई। घटना के बाद परिजनों ने सभी पीड़ितों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से सभी मरीजों की स्थिति सामान्य हो गई और कुछ घंटों की निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

हालांकि इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने दवा खिलाने पहुंची चार आशा कार्यकर्ताओं को करीब चार घंटे तक बंधक बनाए रखा। परिजनों का आरोप था कि दवा के दुष्प्रभाव के बारे में समुचित जानकारी नहीं दी गई थी। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी जाने वाली दवाओं से कुछ लोगों में सामान्य दुष्प्रभाव जैसे उल्टी या घबराहट हो सकती है, जो अस्थायी होती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।






