अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण
मझौलिया पंचायत के युवा मुखिया सत्य प्रकाश ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता मझौलिया को आदर्श पंचायत बनाना है। 14 वार्डों वाली इस पंचायत में विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ काम करना उनका मूल लक्ष्य है। वे पंचायतवासियों की आवाज बनकर समस्याओं को उठाते हैं और उनके त्वरित समाधान के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं। मुखिया सत्य प्रकाश के पिता स्वर्गीय हीरालाल पासवान व्यवहार न्यायालय बेतिया के प्रसिद्ध अधिवक्ता थे। अपने समय में अंग्रेजी में संवाद करना उनकी अलग पहचान थी। समाजसेवी के रूप में वे अत्यंत लोकप्रिय रहे। उनकी लोकप्रियता का ही परिणाम था कि उनकी पत्नी लालमति देवी जिला पार्षद बनीं। लोगों के बीच रहकर सेवा करना इस परिवार की पहचान रही है, और उसी विरासत को सत्य प्रकाश आगे बढ़ा रहे हैं। जनता के प्यार और विश्वास के बल पर सत्य प्रकाश को मझौलिया का मुखिया चुना गया। पश्चिम चंपारण जिले के सबसे बड़े प्रखंड जिसे मुख्यालय के नाम से जाना जाता है । सत्य प्रकाश ने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया है और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र के साथ पंचायत को प्रगतिशील दिशा दी है।

सत्य प्रकाश न केवल जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि एक कुशल अधिवक्ता भी हैं। वर्तमान में वे ज्यूडिशियल परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, साथ ही जनसेवा में भी सक्रिय हैं। पंचायत के विकास कार्यों में सभी वार्ड सदस्य बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सका है। वे गरीब, असहाय और दलित वर्ग के अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े रहते हैं।
मुखिया सत्य प्रकाश की बड़ी उपलब्धियों में मझौलिया मनरेगा बाजार की स्थापना शामिल है, जो स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही सड़क जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। विकास के कई ऐसे उदाहरण हैं, जिन्हें उन्होंने सफलतापूर्वक जमीन पर उतारा है। आज वे गरीबों और वंचितों के मसीहा के रूप में पहचाने जाते हैं और पंचायतवासियों के बीच सर्वप्रिय बन चुके हैं।






