मत्स्यजीवी समिति ने कहा—हमारे साथ भेदभाव”
आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। द नेशनल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की वार्षिक आमसभा शनिवार को आयोजित हुई। बैठक में जहां कोरम पूरा करने की औपचारिकता पूरी की गई, वहीं कई पैक्स अध्यक्षों ने बैंकिंग एवं धान अधिप्राप्ति से जुड़े कार्यों में कथित कमीशनखोरी और भुगतान की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। पैक्स अध्यक्षों ने आरोप लगाया कि किसानों से धान लेने के बाद मिलरों को उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन कई मामलों में मिलरों की ओर से अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इसका सीधा दबाव पैक्स अध्यक्षों पर पड़ रहा है और किसान भुगतान के लिए उन्हें परेशान कर रहे हैं। पैक्स अध्यक्षों का कहना था कि इस समस्या को लेकर वे कई बार सहकारी बैंक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तक अपनी शिकायत पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। कुछ पैक्स अध्यक्षों ने यह भी आरोप लगाया कि मिलरों द्वारा उन्हें ऊपर से नीचे तक राशि देने की बात कही जाती है और शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होने का दावा किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बैठक में खाद की उपलब्धता और संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। वहीं पूजहा-पटजिरवा मत्स्यजीवी सहयोग समिति के अध्यक्ष वकील चौधरी ने मत्स्यजीवी समितियों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सहकारी व्यवस्था में मत्स्यजीवी समितियों को अपेक्षित लाभ और सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने योजनाओं में समान अवसर देने तथा आमसभा में उठे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।






