मांगें पूरी नहीं हुईं तो थमेगा ग्रामीण विकास का काम।
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
बिहार के ग्रामीण विकास विभाग में तैनात बीडीओ समेत ग्रामीण विकास सेवा के सभी स्तर के पदाधिकारी अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर 21 सितंबर 2026 से सामूहिक अवकाश पर जाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है। मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है। संघ का कहना है कि ग्रामीण विकास सेवा को राज्य सेवा संवर्ग घोषित करने, सेवा में सुधार, पदाधिकारियों की सुरक्षा समेत कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों से विभाग और सरकार को लगातार ज्ञापन सौंपा जाता रहा है। बावजूद इसके अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पदाधिकारियों में असंतोष और निराशा बढ़ती जा रही है। संघ की ओर से पत्रांक 72, दिनांक 7 सितंबर 2026 के माध्यम से अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास विभाग तथा पत्रांक 73, दिनांक 8 सितंबर 2026 के माध्यम से बिहार सरकार के सचिव को मांगों पर ठोस पहल का आग्रह किया गया है। वहीं, पश्चिमी चंपारण जिला इकाई के बीडीओ द्वारा भी 10 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया गया था। अब 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश की घोषणा ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है।






