विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्था एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में बगहा-2 प्रखंड क्षेत्र में संचालित नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटरों का प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार विशुद्धानन्द सिंह द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। अचानक हुई इस जांच से क्षेत्र में संचालित निजी नर्सिंग होम एवं जांच केंद्रों के संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संबंधित नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटरों में उपलब्ध आवश्यक प्रमाण-पत्रों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इस दौरान संस्थानों को प्राप्त पंजीकरण, संचालन से संबंधित अनुमति, अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र सहित अन्य जरूरी कागजातों की स्थिति का जायजा लिया गया।

साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संबंधित नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटरों में उपलब्ध आवश्यक प्रमाण-पत्रों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इस दौरान संस्थानों को प्राप्त पंजीकरण, संचालन से संबंधित अनुमति, अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र सहित अन्य जरूरी कागजातों की स्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी ली गई। जांच टीम ने संस्थानों में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, आवश्यक उपकरणों तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुपालन पर भी ध्यान दिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि निजी स्वास्थ्य संस्थान नियमों के अनुरूप ही अपनी सेवाओं का संचालन कर रहे हैं।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार विशुद्धानन्द सिंह ने निरीक्षण के दौरान संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी संस्थानों को निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन करना अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग की इस औचक कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा समय-समय पर निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच कर उनके दस्तावेजों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। विभाग की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि बिना आवश्यक प्रमाण-पत्र अथवा निर्धारित मानकों की अनदेखी कर स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन करने वालों पर विभाग की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी ऐसे संस्थानों की जांच जारी रहने की संभावना है।






