1.30 बजे के बाद बहाल हुआ आवागमन, दोनों ओर से लगी रही वाहनों की लंबी कतार, फ़से रहे यात्री
वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकि नगर-बगहा मुख्य पथ पर शुक्रवार को को चमैनिया मोड़ और जलेबिया मोड़ के बीच अचानक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ के सड़क पर गिरते ही मुख्य मार्ग पर दोनों ओर से वाहनों का परिचालन ठप हो गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बस, ऑटो और निजी वाहनों में सवार यात्री घंटों सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। बसों पर बैठे यात्री दोनों तरफ फंसे रहे। करीब 1.30 बजे के बाद पेड़ हटाए जाने पर आवागमन शुरू हो सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चमैनिया मोड़ के पास अचानक विशाल पेड़ सड़क पर आ गिरा। पेड़ इतना बड़ा था कि सड़क का अधिकांश हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। इस कारण बगहा से वाल्मीकिनगर और वाल्मीकिनगर से बगहा की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क से पेड़ हटाने का प्रयास शुरू किया। विशाल पेड़ होने के कारण उसे हटाने में समय लगा। इस दौरान कई वाहन चालकों ने मुख्य मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्ते का सहारा लिया। निजी वाहनों से जाने वाले लोगों ने दोन नहर से चंपापुर होते हुए लौकरिया का रास्ता पकड़ा। इस मार्ग से बगहा पहुंचने में सामान्य रास्ते की तुलना में करीब आधा घंटा अधिक समय लगा।

रक्षाबंधन के लिए आ रही बहनों को हुई काफी परेशानी: शुक्रवार का दिन वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन था। बहाने अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए दूर-दूर से आ रही थी। मुख्य पथ पर पेड़ गिर जाने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। अपने भाइयों के कलाइयों पर राखी बांधने वाली बहनों की व्याकुलता उनके चेहरे को देखने पर साफ प्रतीत हो रहा था। रक्षाबंधन का समय बीतने के कारण उन्हें काफी बेचैनी हो रही थी।
–-इस मॉनसून में तीसरी बार पेड़ गिरने से आवागमन हुआ बाधित:
बारिश के बीच वीटीआर क्षेत्र में पेड़ों के गिरने की घटनाएं लोगों के लिए परेशानी बढ़ा रही हैं। जंगल में जलजमाव और दलदली जमीन के कारण पेड़ों के कमजोर होने के बाद तेज हवा में उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। इस मानसून में तीसरी बार पेड़ों के गिरने से आवागमन बाधित हुआ है। लगभग 20 दिन पूर्व ऊपरी शिविर तीन नंबर पहाड़ पर भी विशाल सखुआ का पेड़ गिरा। उसके बाद अब तक पेड़ काटकर नहीं हटने से कॉलोनी के लोगों को दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है।इससे कॉलोनी का रास्ता प्रभावित है और अब तक आवागमन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग सड़क से पेड़ हटाने को लेकर प्रयासरत है।






