झील टूटने के बाद 30 लाख घनमीटर पानी आने की आशंका
भोटेकोशी और त्रिशूली में अचानक बाढ़ का खतरा
वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
नेपाल में एक बार फिर बड़ी प्राकृतिक आपदा की आशंका ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। चीन के तिब्बत क्षेत्र से नेपाल की ओर आने वाली नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में एक बड़ी झील के टूटने की सूचना के बाद नेपाल प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी झील के फूटने से करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी नीचे की ओर आने की आशंका है।
झील टूटने की सूचना के बाद नेपाल के जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार तिब्बत, चीन से नेपाल में बहने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आने की आशंका है। इसके साथ ही त्रिशूली नदी में भी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ने की सूचना मिली है।

प्रशासन ने त्रिशूली नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और किसी भी तरह के जोखिम वाले स्थान पर नहीं रहने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में तत्काल जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, स्थानीय जनप्रतिनिधियों अथवा नजदीकी सुरक्षा इकाई को सूचना देने का निर्देश दिया गया है।
छोचेन खोला और पुरेपु क्षेत्र की नदियां आगे चलकर त्रिशूली नदी तंत्र से जुड़ती हैं। ऐसे में झील टूटने के बाद निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी तेज कर दी गई है। इस बाबत गंडक बैराज के कार्यपालक अभियंता इकबाल अनवर ने बताया कि गंडक बराज को हाई अलर्ट पर रखा गया है।






