मझौलियां कृषि विज्ञान केन्द्र, मधोपुर में चल रहे समेकित पोषक तत्व प्रबंधन पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण,
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि विज्ञान केन्द्र, नरकटियागंज के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. आर. पी. सिंह, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंध कामेश्वर सिंह एवं अग्रणी जिला प्रबंधक राजेन्द्र कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए और प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया। माधोपुर केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि, “ये 15 दिन सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि हमारी सोच को बदलने की यात्रा थी। आज देश की 48% जमीन में जिंक, 33% में बोरॉन और 25% में सल्फर की कमी है।”

डॉ. सिंह ने बताया कि इस तकनीक से तीन बड़े लाभ होंगे – लागत में 25-30% की कमी, 2-3 साल में उत्पादन में 15-20% की वृद्धि और जमीन अगले 20 साल तक स्वस्थ बनी रहेगी। अंत में उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि आप सभी यहाँ से सिर्फ प्रमाण-पत्र लेकर नहीं, बल्कि “मृदा डॉक्टर” की जिम्मेदारी लेकर जा रहे हैं। केंद्र के फसल उत्पादन के वैज्ञानिक डॉ हर्षा बी आर ने बताया कि प्रत्येक किसान कम से कम 10 किसानों को गोबर न जलाने, हर साल मिट्टी जाँच कराने और घर पर वर्मी कम्पोस्ट बेड लगाने के लिए प्रेरित करें।






