वन क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई के दौरान अन्य बाघों के साथ हुई भिड़ंत की संभावना।
विजय कुमार शर्मा बगहा / नंदलाल पटेल बाल्मीकि नगर पश्चिमी चंपारण
वाल्मीकिनगर (प. चंपारण), 30 जुलाई 2026।
वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष (VTR) के वाल्मीकिनगर प्रक्षेत्र अंतर्गत कक्ष संख्या टी-36 में एक बाघ द्वारा वृद्ध व्यक्ति को घायल किए जाने की घटना के बाद उसी बाघ की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। वन विभाग के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बाघ की खोजबीन शुरू की गई। बताया गया कि दोपहर करीब 2 बजे घटना स्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बाघ को देखा गया। प्रथम दृष्टया बाघ काफी कमजोर अवस्था में नजर आया, जिसकी जानकारी वनकर्मियों द्वारा वरीय अधिकारियों को दी गई। इसके बाद बाघ पर लगातार निगरानी रखते हुए वेटनरी डॉक्टर के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम को भी मौके पर भेजा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे सुरक्षित पकड़ा जा सके। हालांकि वेटनरी डॉक्टर द्वारा निरीक्षण के बाद बाघ की मृत्यु की पुष्टि कर दी गई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बाघ पहले से ही घायल था और गंभीर कमजोरी के कारण वह शिकार करने में असमर्थ हो गया था। मृत बाघ नर बताया जा रहा है।

वन विभाग की टीम द्वारा बाघ के शव को कोतराहा वन विश्रामागार लाया गया, जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया। अधिकारियों का मानना है कि बाघ के शरीर पर मिले घावों से यह संभावना जताई जा रही है कि वन क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई के दौरान अन्य बाघों के साथ हुई भिड़ंत में वह घायल हुआ होगा। फिलहाल बाघ की मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। वन विभाग ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के उपरांत विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं।






