वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
सरकार द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से डिजिटल माइक्रो प्लान तैयार करने की नई पहल शुरू की गई है। इसी कड़ी में बगहा और वाल्मीकिनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एएनएम एवं आशा फैसिलिलेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 42 एएनएम एवं आशा फैसिलिलेटरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे तक टीकाकरण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा किसी भी बच्चे को नियमित टीकाकरण से वंचित न रहने देना है। डिजिटल माइक्रो प्लान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण योग्य बच्चों का सटीक आंकड़ा तैयार कर उनके समय पर टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के.बी.एन. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। डिजिटल माइक्रो प्लान से टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी और क्रियान्वयन में और अधिक पारदर्शिता एवं दक्षता आएगी।प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ सहयोगी संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यू एच ओ ) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षण सत्र का संचालन एवं मार्गदर्शन डब्ल्यूएचओ मॉनिटर एवं ट्रेनर रजनीश कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल माइक्रो प्लान तैयार करने की प्रक्रिया, टीकाकरण सत्रों की योजना, लाभार्थियों की पहचान तथा डाटा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी।






