Monday, June 8, 2026
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पोषण वाटिका की सब्जियां-फल स्वास्थ्य के लिए वरदान’ : डॉ अभिषेक ने बताए फायदे

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अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण, बिहार

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि हम सभी को पोषण वाटिका का महत्व समझने की आवश्यकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि हर घर के आस-पास खाली भूमि पर या जमीन उपलब्ध न होने पर घर की छत पर भी पोषण वाटिका बनाई जा सकती है। प्राकृतिक तरीके व बिना रसायन के उगाई गई सब्जियों एवं फलों का सेवन परिवार के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। साथ ही, अतिरिक्त उत्पादन को स्थानीय बाजार में बेचकर किसान अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त कर सकते हैं।


गोबर की खाद, जीवामृत व प्राकृतिक विधि से उगाई सब्जियों-फलों में कीटनाशकों के अवशेष नहीं होते। इससे कैंसर, किडनी व लीवर की बीमारियों का खतरा कम होता है। ताजी हरी सब्जियां, सहजन, पालक, गाजर, पपीता, अमरूद, नींबू एवं आंवला विटामिन-A, C, आयरन, कैल्शियम व जिंक के प्रमुख स्रोत हैं। इनके नियमित सेवन से बच्चों में कुपोषण व महिलाओं में खून की कमी दूर होती है। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हेतु आंवला, नींबू, अमरूद व सहजन का सेवन करना चाहिए जिसमें मौजूद विटामिन-C शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है और मौसमी बीमारियों से बचाव करता है l नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान राघोशरण प्रसाद ने बताया कि लगभग 250 वर्ग मीटर की पोषण वाटिका से उनके पूरे परिवार की साल भर की सब्जी-फल की जरूरत पूरी हो जाती है।

अतिरिक्त उत्पादन को स्थानीय बाजार में बेचकर उन्हें लाभ भी मिलता है। उन्होंने कहा, पोषण वाटिका लगाने से बाजार पर निर्भरता घटी है और प्रतिमाह कम से कम 2000-2500 रुपये की बचत हो रही है। श्रीमति विंदा देवी ग्राम पुजहा प्रखंड बैरिया ने तो अपने छत पर पोषण वाटिका बनाकर मिसाल बनाई है।डॉ. सिंह ने बताया कि सहजन, पपीता, नींबू, आंवला, करौंदा जैसे बड़े पौधों को वाटिका की उत्तर और पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए, ताकि उनकी छाया अन्य सब्जियों को प्रभावित न करे। वहीं हल्दी, अदरक व पत्तेदार साग-भाजी को छायादार स्थान पर लगाना उचित रहता है। डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि हर घर में पोषण वाटिका होनी चाहिए।

यह ‘कुपोषण मुक्त भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने का सबसे सरल उपाय है। रसायन-मुक्त सब्जी खाएंगे तो डॉक्टर के पास जाने की नौबत कम आएगी। केवीके द्वारा ‘एक घर, एक पोषण वाटिका’ अभियान के तहत चयनित गांवों में महिलाओं को सब्जी बीज किट व तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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