अवकाश को सामाजिक मूल्य, जीवन कौशल, रचनात्मकता, मानसिक विकास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने का बनाएं अवसर
सरकारी विद्यालयों में एक जून से बीस जून तक गर्मी की छुट्टी, अभिभावक बच्चों का करें उचित सहयोग व मार्गदर्शन
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
सरकारी विद्यालयों में सोमवार एक जून से शनिवार बीस जून तक गर्मी की छुट्टी हो गई है। स्थानीय शिक्षक सुनिल कुमार ने विद्यार्थियों को सुझाव दिया कि ग्रीष्मावकाश को सिर्फ मनोरंजन आदि में हीं व्यतीत नहीं करें बल्कि पढ़ाई की निरंतता भी बनाए रखें। समय का उचित प्रबंधन करें इसे व्यर्थ न जाने दें।
अभिभावक बच्चों का करें उचित सहयोग व मार्गदर्शन
गर्मी की छुट्टी में अभिभावक अपने परिवार के साथ बाहर घूमने आदि का प्लान करते हैं ताकि व्यस्ततम दैनिक जीवन का तनाव कम हो और परिवार के साथ खुशहाल समय व्यतीत करें। ऐसे में विद्यार्थियों को विद्यालय से मिलने वाले गृह कार्य को भी तय समयसीमा के अनुसार योजनबद्ध तरीके से पूर्ण करने में उचित सहयोग व मार्गदर्शन करना चाहिए। सम्भव हो तो बड़े विद्यार्थी इन दिनों अपने अनुभव को डायरी में लिखें। शिक्षक सुनिल कुमार ने कहा कि बच्चों को अपने वृद्ध परिजनों यथा दादा-दादी, नाना-नानी आदि के पास समय व्यतीत करने से अच्छी बातें, ज्ञान व सामाजिक मूल्य, संस्कार आदि सीखने के अवसर मिलते हैं।
गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को स्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी) से दूर रहकर कुछ रचनात्मक और व्यावहारिक चीजें सिखनी चाहिए।
शिक्षक ने आगे कहा कि खुश बच्चा स्वस्थ्य समाज की नींव है। अनुशासन, शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, चारित्रिक गुण, सामाजिक मूल्य, कौशल विकास तथा पर्यावरण आदि के बारे में भी जानकारी जीवनोपयोगी है। अवकाश को सामाजिक मूल्य, जीवन कौशल, रचनात्मकता, मानसिक विकास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने का अवसर बनाएं तथा सदुपयोग करें।






