विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
नई दिल्ली : भारत सरकार के पूर्व एडीजी एवं बिहार भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एपी पाठक ने नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में अपने मित्र भारतीय वाणिज्य सेवा के पुर्व अधिकारी डॉक्टर अमीय चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक विमोचन समारोह में भाग लेते हुए कहा कि डॉ. अमिय चंद्रा की नई पुस्तक “India’s Export Renaissance: The ESIR Strategy for Global Trade Power” विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को सशक्त आधार प्रदान करने वाली एक दूरदर्शी कृति है।
इस अवसर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं बौद्धिक व्यक्तित्व डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में एपी पाठक के मित्र डॉक्टर अमीय चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा @ कार्यक्रम को विशेष आयाम प्रदान किया। समारोह में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति-निर्माता, व्यापार विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा शिक्षाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

एपी पाठक के मित्र डॉ. अमिय चंद्रा भारतीय व्यापार सेवा के 1989 बैच के पूर्व अधिकारी हैं। उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, वस्त्र मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने तीन केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिव तथा कांडला एवं मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्रों के विकास आयुक्त के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं। वर्तमान में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विज़िटिंग प्रोफेसर हैं तथा नीति आयोग के व्यापार संबंधी कार्य समूह के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।
डॉ. चंद्रा जी व्यापार नीति, शहरी नवाचार और कृषि निर्यात जैसे विषयों पर पांच महत्वपूर्ण पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी नवीनतम पुस्तक भारत के निर्यात ढांचे को मजबूत करने, वैश्विक व्यापार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर आधारित है।

पुस्तक को देश के कई वरिष्ठ मंत्रियों और विशिष्ट व्यक्तित्वों की सराहना भी प्राप्त हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ,केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत की निर्यात महत्वाकांक्षाओं को साकार करने हेतु इसे एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक पुस्तक कहा।
कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए एपी पाठक ने कहा कि यह पुस्तक केवल व्यापार और निर्यात नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की व्यापक सोच को भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि नीति-निर्माताओं, व्यापार विशेषज्ञों, उद्योग जगत तथा युवाओं के लिए यह पुस्तक प्रेरणादायी और उपयोगी सिद्ध होगी तभी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी की विकसित भारत 2047 की सपना साकार होगा।

ज्ञात हो कि एपी पाठक समय समय पर सामाजिक और आर्थिक विकास की बात देश के प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मिडिया में रखते है।
हाल ही में उनकी विकसित भारत 2047 अभिकल्पना और प्रयास देश के दिग्गज मैगजीन और अखबारों में संपादकीय लेख में सुर्खियां बंटोरी थी।
एपी पाठक अपने मातृभूमि चंपारण के शिक्षण संस्थानों में युवाओं को संबोधित करते हुए आर्थिक नवाचार और स्टार्ट अप को बढ़ावा देने पर जोर और अपने स्तर से सहयोग करते रहते है।उनके द्वारा स्थापित बाबु धाम ट्रस्ट शिक्षण और नवाचार तथा स्किल डेवलपमेंट पर लगातार काम करते रही है।






