विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज मधुबनी के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने आर,बी,टी शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित शतचंडी महायज्ञ में भाग लेते हुए कहा कि -पूर्ण आस्था और श्रद्धा से की हुई पूजा भगवान से कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ साधन है।
उन्होंने कहा कि भगवान कहते हैं कि श्रद्धा पूर्वक पुजा करने वाले भक्तों को सब पापों से मुक्त मैं करूंगा! जैसे, छोटे बालक को स्नान कराना, कपड़े पहनाना, मल-मूत्र साफ करना आदि सब काम माँ करती है। बालक को कुछ करना नहीं पड़ता। बालक का सब काम करके माँ प्रसन्न होती है। गाय खुद ही अपने बछड़े को चाट कर साफ करती है, इससे गाय को आनन्द आता है। जब गाय बछड़े को चाट कर साफ करती है, तो गाय का दूध बढ़ता है! अगर बछड़े को धोकर, साफ कर दिया जाय तो गाय का दूध कम होता है। अगर घास में गोबर-गोमूत्र की गन्ध हो तो गाय घास नहीं खाती। पर वही गोबर – गोमूत्र बछड़े में लगा हुआ है, तो उसको चाट कर साफ करने में गाय को आनन्द आता है! ऐसे ही भगवान को भक्तों को,पापों से मुक्त करने में आनन्द आता है !
इस अवसर पर पूजा में उपस्थित सभी लोगों में अपार श्रद्धा बरस रही थी।




