Monday, May 25, 2026
No menu items!
Google search engine
Home आस पास प्रशंसा न पचने पर अहंकार बढ़ जाता है-रघुनंदन दास जी महाराज

प्रशंसा न पचने पर अहंकार बढ़ जाता है-रघुनंदन दास जी महाराज

0
16

विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार


बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पंडित भरत उपाध्याय ने सिद्ध पीठ बारीपुर धाम में महंत गोपाल दास महाराज जी के द्वारा आयोजित शिव महापुराण की कथा में सम्मिलित होकर रघुनंदन दास जी महाराज के मुखारविंद से अमृत कथा पान में श्री गणेश जी की जन्म की कथा श्रवण किया। विद्वान कथावाचक रघुनंदन महाराज जी ने विशेष रूप से जीवन जीने के ढंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि-
भोजन न पचने पर रोग बढ़ जाता है, ज्ञान न पचने पर प्रदर्शन बढ़ जाता है और पैसा न पचने पर अनाचार बढ़ जाता है।

ऐसे ही प्रशंसा न पचने पर अहंकार बढ़ जाता है, सुख न पचने पर पाप बढ़ जाता है और सम्मान न पचने पर तामस बढ़ जाता है। इस दुनिया में किसी वस्तु अथवा पदार्थ का मिलना कठिन नहीं अपितु मिल जाने के बाद उसको पचा पाना कठिन है।
भोजन पचने पर वह शरीर की पुष्टी में लग जायेगा, ज्ञान पचने पर वह मौन रूप से प्रदर्शन को छोड़कर आत्मदर्शन में लग जायेगा और पैसा पचने पर वह भी परमार्थ एवं परोपकार जैसे धर्म कार्यों में लग जायेगा। प्रशंसा पचने पर वह आत्ममंथन अथवा आत्म मूल्यांकन में लग जायेगी, सुख पचने पर वह सदमार्ग की ओर ले जायेगा एवं सम्मान पचने पर वह भी जीवन में स्थिरता एवं सहजता को प्रदान कर देगा।


इस अवसर पर कृपा शंकर चौबे, श्री राम दास जी, वेद प्रकाश, दिनेश कुमार गुप्ता, विश्वामित्र सहित हजारों लोगों उपस्थित रहे।अंत में उत्तराधिकारी पीठाधीश्वर गोपाल दास जी महाराज ने सभी श्रोताओं को आशीर्वाद प्रदान किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!