विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
पश्चिम चंपारण जिले के नौरंगिया दरदरी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कथित रूप से खड़ी फसल नष्ट किए जाने और ग्रामीणों के उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए वाल्मीकि नगर के विधायक ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौरंगिया दरदरी के भूमिहीन दलित एवं आदिवासी परिवारों ने विधायक से मुलाकात कर अपनी पीड़ा व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले लगभग 40 वर्षों से गर मजरूआ मलिक भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इन परिवारों की आजीविका पूरी तरह इसी खेती पर निर्भर है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मदनपुर वन प्रक्षेत्र के कर्मियों द्वारा 29 मार्च 2026 से लगातार जेसीबी मशीन के माध्यम से उनकी खड़ी फसलों को नष्ट किया जा रहा है।

विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जेल भेजने की धमकी भी दी गई। इस कार्रवाई से इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और वन विभाग के बीच तनाव बढ़ गया है, जिससे कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि जब तक भूमि के स्वामित्व और अधिकार का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक वन विभाग की इस प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। विधायक ने मंत्री से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर ग्रामीणों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके मानवाधिकार व लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।






