विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
अटूट श्रद्धा और अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारत सरकार के पूर्व एडीजी एवं बाबू धाम ट्रस्ट के संस्थापक एपी पाठक ने सोमेश्वर पहाड़ की चोटी पर स्थित पौराणिक कालका माता मंदिर में मत्था टेका। कोसों दूर की कठिन पैदल चढ़ाई और दुर्गम रास्तों की बाधाओं को पार कर श्री पाठक ने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। कठिन डगर, मगर अटल संकल्प के साथ समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर तक पहुँचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। मिलों लंबी पैदल यात्रा और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों के बावजूद, श्री पाठक ने अपने दृढ़ संकल्प से इस यात्रा को पूरा किया। उनकी इस यात्रा में स्थानीय प्रशासन और SSB सुरक्षा बलों का भी सराहनीय सहयोग रहा।

सुरक्षा एवं प्रशासनिक सहयोग तथा वन विभाग के रेंजर द्वारा शुरूआती सहयोग फिर SSB का साथ दुर्गम चढ़ाई के दौरान एसएसबी (SSB) के अधिकारियों और जवानों ने कदम-कदम पर सहयोग किया।
चंपारण और SSB से एपी पाठक का पुराना नाता
उल्लेखनीय है कि जब चंपारण में SSB (सशस्त्र सीमा बल) की स्थापना हुई थी, उस समय एपी पाठक केंद्रीय गृह मंत्रालय में सर्वोत्तम वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे। चंपारण में एसएसबी की स्थापना और उसे सुदृढ़ करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण था कि यात्रा के दौरान जवानों और अधिकारियों के बीच उनका आत्मीय स्वागत हुआ।
एपी पाठक ने भविष्य का संकल्प लिया कि सोमेश्वर बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र बनेगा।

माता के दर्शन के उपरांत श्री पाठक ने वहां की अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने SSB सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों ,जवानों की काफी सराहना किया।उन्होंने मिडिया से बताया कि SSB के लोग श्रद्धालुओं की काफी मदद करते है और उनकी सुरक्षा के प्रति प्रयासरत रहते है।
एपी पाठक को SSB,सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों और जवानों ने तहे दिल से स्वागत किया और दर्शन में सहयोग भी किया।
एपी पाठक ने बताया कि श्रद्धा और भक्ति कठिनाइयों में भी मार्ग प्रशस्त कर देती है।






