बिहार के मांझागढ़ से सुधीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मांझागढ़ (गोपालगंज)। बिहार सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से लगभग एक वर्ष पूर्व बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया था। इस योजना के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए, ताकि बच्चों को पंखे की सुविधा मिल सके और वे आरामदायक वातावरण में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर सकें। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मांझागढ़ प्रखंड के मांझा पूर्वी पंचायत अंतर्गत मांझा टोला लंगतु हाता स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर स्मार्ट मीटर तो लगा दिया गया है, परंतु आज तक वहां बिजली की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि कुछ केंद्रों पर लगाए गए मीटर तक ही बिजली की लाइन नहीं पहुंच पाई है, ऐसे में केंद्र तक बिजली पहुंचने की बात बेमानी साबित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल एक केंद्र की नहीं, बल्कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों की है जहां स्मार्ट मीटर लगाने के बावजूद बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई जा रही है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को उमस भरी गर्मी में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप बच्चों को सुविधा नहीं मिल पाने से अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब सवाल उठता है कि जब सरकार ने योजना बनाकर संसाधन उपलब्ध करा दिए, तो आखिर जिम्मेदार अधिकारी इसे धरातल पर लागू करने में क्यों असफल हो रहे हैं? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है, ताकि नन्हें बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके और वे बेहतर माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकें।






