Tuesday, March 17, 2026
No menu items!
Google search engine
Home हेल्थ पांच साल बाद भी नहीं मिला कोरोना कर्मियों का मानदेय, मांझागढ़ में...

पांच साल बाद भी नहीं मिला कोरोना कर्मियों का मानदेय, मांझागढ़ में नाराजगी

0
29

बिहार के मांझागढ़ से सुधीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

मांझागढ़ (गोपालगंज)। वर्ष 2020 की कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों को आज तक उनका बकाया मानदेय नहीं मिल सका है। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण भुगतान लंबित है, जिससे कर्मियों में भारी नाराजगी है। बताया जाता है कि कोरोना काल में मांझा प्रखंड के अंतर्गत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शाहिद नाजमी के नेतृत्व में 83 टीमों का गठन किया गया था। प्रत्येक टीम में दो सदस्य शामिल थे, जिन्होंने लगभग 20 पंचायतों की करीब तीन लाख आबादी के बीच घर-घर जाकर सर्वे किया। यह कार्य आंगनबाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार आठ दिनों तक किया गया था। इसके लिए प्रति दिन 200 रुपये की दर से कुल 1600 रुपये भुगतान निर्धारित किया गया था, जो आज तक नहीं मिला।

वहीं, कोरोना संक्रमितों की निगरानी के लिए 26 क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की गई थी, जिनसे अप्रैल से मई 2020 तक 31 दिनों तक कार्य लिया गया। इनके लिए 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 12,400 रुपये मानदेय तय किया गया था, लेकिन उनका भुगतान भी अब तक लंबित है।कर्मियों का कहना है कि कोरोना जैसे भयावह समय में उन्होंने अपनी जान हथेली पर रखकर सेवा दी, बावजूद इसके उन्हें उनका हक नहीं मिला। सरकार के निर्देश के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर ऋण लेकर भी भुगतान किया जाना था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई।इस संबंध में मांझा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शाहिद नाजमी ने बताया कि 24 मई 2020 को पत्रांक 231 के माध्यम से 3,22,400 रुपये की मांग सिविल सर्जन से की गई थी, लेकिन राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। बाद में उनका स्थानांतरण हो गया। अब कर्मियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द बकाया मानदेय के भुगतान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!