विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा दो प्रखंड के सभागार में रविवार को प्रोफेसर अरविंद नाथ तिवारी द्वारा लिखित पुस्तक “भारत के कर्णधार” का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया और पुस्तक के साथ-साथ समकालीन पत्रकारिता की दिशा-दशा पर भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीएमएचपी के पूर्व प्राचार्य डॉ. रविकेश मिश्र ने कहा कि समाज के निर्माण में विचार और लेखनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तकों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. केबीएन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता कई चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे दौर में सकारात्मक, तथ्यपरक और जिम्मेदार लेखन की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने पुस्तक की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। इकॉनमी इंडिया के संपादक मनोहर मनोज ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में खबरों की गति तो तेज हुई है, लेकिन विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

कार्यक्रम में कवि अविनाश पांडेय, शिक्षक रमेश मिश्र और डॉ. रणवीर सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि “भारत के कर्णधार” जैसी पुस्तकें समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने का काम करती हैं। अंत में लेखक प्रो. अरविंद नाथ तिवारी ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, साहित्यकार और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।






