वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार की सुबह वाल्मीकिनगर के एक निजी होटल में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के विस्तार के साथ-साथ जिला और प्रखंड स्तर पर मीडिया सेल तथा प्रवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रेम चौधरी ने की। इस दौरान कांग्रेस नेता व मीडिया सलाहकार राजेश कुमार सिंह, कांग्रेस नेता पशुपतिनाथ गुप्ता, शैलेश कुमार गुप्ता और अविनाश चौधरी सहित कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया और युवाओं को पार्टी से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल करने पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए एआईसीसी के वरिष्ठ सदस्य प्रेम चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के निर्देश पर देशभर में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले और प्रखंड में मीडिया सेल के प्रवक्ता और पार्टी प्रवक्ताओं की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि “यूथ हंट” नाम से चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत अब तक देशभर में करीब 1700 से अधिक प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का विजन स्पष्ट है और वह चाहते हैं कि देश की राजनीति और प्रतिनिधित्व में युवाओं की सक्रिय भागीदारी हो। कांग्रेस पार्टी भी इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उनके अनुसार आने वाला समय युवाओं के नेतृत्व का होगा और युवाओं की ऊर्जा से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।

बैठक के दौरान वाल्मीकिनगर में संभावित उजाड़ अभियान को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। प्रेम चौधरी ने कहा कि करीब 70 वर्षों से वाल्मीकिनगर में रह रहे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के घरों को उजाड़ने की चेतावनी सरकार की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और केंद्र सरकार मिलकर अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को बेघर करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही उजाड़ अभियान को लेकर अपनी टिप्पणी दे चुका है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिस सरकार के कार्यकाल में अतिक्रमण के नाम पर लोगों को उजाड़ा जाता है, उस सरकार से विकास की उम्मीद करना ईमानदारी नहीं है। प्रेम चौधरी ने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाया जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को न्याय मिल सके।
इस दौरान उन्होंने पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर से जुड़े विकास के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नेपाल की सीमा से सटे महर्षि वाल्मीकि आश्रम, जो ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, आज भी उपेक्षा का शिकार है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है, जिससे सरकार के विकास के दावों की पोल खुलती है।
प्रेम चौधरी ने कहा कि यदि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो वाल्मीकि आश्रम और वाल्मीकिनगर क्षेत्र के पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बैठक में उपस्थित नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने का संकल्प भी लिया।






