Monday, March 2, 2026
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आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए जीविका दीदियों द्वारा सिले गए कपड़ों का ग्रामीण मंत्री ने किया वितरण

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वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट

रविवार को वाल्मीकि नगर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सिले-सिलाए कपड़ों के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह आयोजन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से किया गया, जिसे बच्चों और महिलाओं के लिए एक यादगार तोहफा बताया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह क्षण जीविका दीदियों के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का है। उन्होंने बताया कि महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान जीविका समूह की महिलाओं ने घर पर रहकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने उनकी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे स्वीकृति दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।


मंत्री ने कहा कि राज्य की 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई है, ताकि वे स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों की ओर आगे बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि लगभग 60 हजार महिलाएं इस योजना से जुड़कर घर बैठे रोजगार प्राप्त कर रही हैं। जीविका दीदियों द्वारा तैयार की गई स्कर्ट, शर्ट और पैंट अब आंगनबाड़ी के बच्चों को वितरित की जा रही हैं। प्रत्येक बच्चे को दो सेट पोशाक प्रदान की गई। उन्होंने कहा, “जीविका दीदियों के हाथों तैयार पोशाक केवल पहनावा नहीं, बल्कि बराबरी का अहसास, आत्मविश्वास और सम्मान का प्रतीक है। हर पोशाक में दीदियों की मेहनत के साथ ममत्व और संवेदना जुड़ी है।” कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर नई पोशाक पाकर खुशी साफ झलक रही थी। मंत्री ने वर्ष 2005 का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब विकास कार्यों की शुरुआत विश्व बैंक से ऋण लेकर की गई थी। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में एक मजबूत कदम है।


इस पहल से न केवल आंगनबाड़ी के बच्चों को बेहतर सुविधा मिल रही है, बल्कि हजारों महिलाओं को स्थायी रोजगार का अवसर भी प्राप्त हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े उद्योगों और व्यवसायों को इससे नई मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह कार्यक्रम एक नई मिसाल स्थापित करेगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में जीविका समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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