वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकि नगर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) की वादियों में सैलानियों ने प्रकृति का भरपूर आनंद लिया। पहाड़ियों की खूबसूरती और जंगल की शांति ने लोगों को सुकून के पल दिए।
वीकेंड के दौरान गंडक बराज के जलाशय में नौकायन के लिए पर्यटकों का तांता लगा रहा। गंडक बराज के शांत जल में बोटिंग का रोमांच पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। परिवार और मित्रों के साथ पहुंचे सैलानियों ने बीच नौका विहार का लुत्फ उठाया। बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। इसके अलावा, सनसेट पॉइंट पर डूबते सूरज का मनोहारी दृश्य देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुटी रही। आसमान में लालिमा बिखेरते सूरज के दृश्य को कैमरों में कैद करने की होड़ लगी रही। शाम के समय यहां का नजारा पर्यटकों के लिए यादगार बन गया।

धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं और सैलानियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। जटाशंकर धाम मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में दर्शन-पूजन के लिए लोग पहुंचे। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यहां की प्राकृतिक छटा ने भी लोगों को आकर्षित किया। वाल्मीकिनगर इस समय स्कूली बच्चों के शैक्षणिक भ्रमण का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है। बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्कूलों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं यहां शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए पहुंचे। छात्रों ने वन्यजीव, पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी प्राप्त की। शिक्षकों ने इसे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक अनुभव बताया।पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल है। होटल व्यवसायी, हस्तशिल्प विक्रेता और खानपान से जुड़े दुकानदारों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
कुल मिलाकर, वीकेंड पर वाल्मीकिनगर की वादियां पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहीं। प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और रोमांचक गतिविधियों के संगम ने इस पर्यटन नगरी को फिर से जीवंत कर दिया है। आने वाले दिनों में भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।






