Saturday, February 28, 2026
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देशभक्त अमर शहीद वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद का 95 वीं शहादत दिवस मनाया

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

खगड़िया। देशभक्त अमर शहीद वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद का 95 वीं शहादत दिवस देश बचाओ अभियान, बुद्धिजीवी नागरिक मंच एवं मिशन सुरक्षा परिषद के बैनर तले रेलवे जंक्शन चौक अवस्थित प्रतिमा स्थल पर मनाया गया।
इस अवसर पर इनके प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि समर्पित कर कोटि-कोटि नमन किया गया तथा 2 मिनट का मन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तथा उनके व्यक्तित्व कृतित्व जीवनी से सीख लेने का संकल्प लिया गया तथा शहीद चंद्रशेखर आजाद अमर रहे, शहीदों तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे, प्रतिमा स्थल का जीर्णोद्धार करो, नारों को बुलंद किया गया।


अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद सुखदेव राजगुरु के साथ देश की आजादी की लड़ाई को तेज करने हेतु इलाहाबाद वर्तमान प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क वर्तमान चंद्रशेखर आजाद पार्क में 27 फरवरी 1931 को बैठक कर रहे थे। उसी क्रम में विश्वासघात के कारण पुलिस को सूचना मिलने पर चारों ओर से घेर लिया गया। चंद्रशेखर आजाद ने दोनों साथियों को संरक्षण देते हुए पुलिस के द्वारा घिरे होने के बावजूद मोर्चा संभाला, गोलीबारी से मुठभेड़ हुआ। एक वृक्ष का ओठ लेकर साहस एवं बहादुरी पूर्वक लड़ने के बाद अंतिम एक गोली से नाम आजाद एवं आजीवन आजाद रहने के संकल्प के साथ खुद की गोली कनपटी में मारकर देश की आजादी के लिए शहीद हो गए। आज उनकी शहादत प्रेरणा स्रोत बन गया है। चंद्रशेखर आजाद का त्याग बलिदान कुर्बानी जीवनी व्यक्तित्व कृतित्व शहादत कभी भुलाया नहीं जा सकता।


मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता किरण देव यादव ने सीएम डीएम जनप्रतिनिधि नगर प्रशासन से प्रतिमा स्थल का जीर्णोद्धार करने एवं सौंदर्यीकरण करने की मांग किया।
अभियान के सचिव धर्मेंद्र कुमार, सचिव सुनील कुमार, उपाध्यक्ष योगेंद्र बौद्ध, आर्यन कुमार बृजेश विभू राजो साहनी रघुनंदन महतो उमेश सहनी साहिल कुमार संजीव महतो विवेक कुमार मोहम्मद असगर जुबेदा खातून रितु देवी आदि ने कहा कि देश में व्याप्त भ्रष्टाचार बलात्कार महंगाई गरीबी भुखमरी पलायन धार्मिक उन्माद नफरत व्याप्त है।
समाजसेवी किरण देव यादव ने कहा कि आर्थिक बौद्धिक अधिकार के क्षेत्र में देश को गुलामी की ओर धकेल दिया गया है, अब संविधान लोकतंत्र अधिकार बचाने के लिए दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने की जरूरत है।

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