विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
वाल्मीकिनगर। वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखकर बगहा दो, पिपरासी, ठकराहा एवं मधुबनी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) पर सरकारी कार्यों में स्वेच्छाचारिता, वित्तीय अनियमितता की आशंका तथा जनप्रतिनिधि की अवहेलना करने का गंभीर आरोप लगाया है। विधायक ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। विधायक द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी बगहा दो, पिपरासी एवं मधुबनी को विभिन्न सरकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन निर्धारित समय सीमा और अंतिम अनुस्मारक के बावजूद संबंधित पदाधिकारियों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर और संदेहास्पद स्थिति बताते हुए कहा कि इस प्रकार का मौन और असहयोगात्मक रवैया प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है।

पत्र में विधायक ने यह भी उल्लेख किया है कि एक जनप्रतिनिधि और विधानसभा की याचिका समिति के सदस्य के निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना करना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी उल्लंघन है। साथ ही, सरकारी योजनाओं में खर्च की गई राशि एवं प्रगति की जानकारी साझा नहीं करना योजनाओं में संभावित वित्तीय अनियमितता और राशि के दुरुपयोग की आशंका को और मजबूत करता है। विधायक ने आरोप लगाया कि संबंधित पदाधिकारियों की कार्यशैली के कारण क्षेत्र में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और आम जनता को योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री से मांग की है कि चारों प्रखंड विकास पदाधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विधायक ने संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से स्थानांतरित करने अथवा हटाने की भी मांग की है। विधायक ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से भविष्य में कोई भी पदाधिकारी जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की अवहेलना करने का साहस नहीं कर सकेगा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित होगी।






