डॉ पदम भानु सिंह कैंसर के क्षेत्र मे रच रहे इतिहास 8200 से ज्यादा कैंसर मरीजों ने जताया भरोसा!
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा /रामनगर , बिहार की 65 वर्षीय चिंता देवी की कहानी होम्योपैथिक दवा के चमत्कार से कम नही ! मरीज के परिजन बताते है कि जब बड़े अस्पताल से निराश लौटी चिंता देवी को लगने लगा कि जीवन अब मुश्किल से कुछ हफ्तों कि हीं बची है जब असहन सीने के जलन दर्द और खाने कि निगलने कि समस्या से 2 महीने से जूझ रही थी! पुरे दिन मे मुश्किल से 1 ग्लास पानी भी पिने मे असमर्थ मरीज चलना- फिरना भी बंद होगया और वजन घट कर मात्र 35 किलो तक होगया!

तभी गाँव के लोगों द्वारा बगहा स्थित होमियो कैंसर सेवा अस्पताल मे होम्योपैथिक चिकित्सा अपनाने का सुझाव मिला! मरीज के परिजन अगले दिन 25 फ़रवरी को कैंसर चिकित्सक डॉ पदम भानु सिंह को दिखाया और CT Scan कि टेस्ट कराने पर पता चला कि मरीज कैंसर के चौथे अवस्था मे गले कि नली का कैंसर फेफड़े तक पहुच चुकी है! डॉक्टर के आश्वाशन और निर्देश पर होम्योपैथिक देवा का सेवन करने पर मरीज कि अवस्था मे चमत्कारी सुधार देखने को मीका.!
मात्र 15 दिनों के इलाज मे मरीज को सीने के दर्द मे आराम मिला और खाने कि. समस्या भी सामान्य होने लगी और वजन भी 50 किलो तक बढ़ गया !

मरीज के परिजन होमियोपैथी दवा को किसी चमत्कार से कम नही मान रहे है, और चिकित्सक को धरती के भगवान के रूप मे सम्मान दे रहे है!
बताते चले कि डॉक्टर पदम भानु सिंह होमियोपैथी के क्षेत्र मे कैंसर विशेषज्ञ के रूप मे पिछले 16 वर्षों से कार्य कर रहे हैँ! भारत मे कैंसर के शोध कार्य हेतु डॉ सिंह को दुबई, जर्मनी, और कज़किस्तान मे सम्मानित किया जा चूका हैँ! और आने वाले अप्रैल माह मे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी लंदन द्वारा 10 अप्रैल 2026 कैंसर और होमियोपैथी के विषय पर शोध हेतु आमंत्रित किया गया हैँ!






