मांझागढ़ बिहार से सुधीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
माझागढ़ ( गोपालगंज ) सरकार के द्वारा मरीजों के इलाज हेतु एलोपैथिक् और होमियों पैथिक एव आयुर्वेदिक अस्पताल तो खोल दिया गया है तथा चिकित्सक भी नियुक्त किये गये है परन्तु होमियों पैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल मे व्यवस्था ठीक नही रहने के कारण न मरीजों की दवा मिल पा रहा है नही मरीज आयुर्वेदिक अस्पताल मे इलाज कराने पहुंच रहे है ऐसी परिस्थिति मे आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक बैठे वेतन ले रहे है बताते चले कि मांझा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कम्पाउंड मे परशुराम पुर मांझा के नाम पर राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित है जिसमे डॉक्टर मधुरंजन कुमार पदस्थापित है नियत समय से प्रतिदिन अपने डियूटी पर तैनात रहते है परन्तु करीब वर्ष से अस्पताल मे मेडसिन की सप्लाई नही रहने के कारण मरीज इलाज कराने तक नही पहुंच पा रहे है कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र मे स्थापित सरकारी अस्पताल मे गरीब मरीज ही इलाज कराने पहुंचते है कि बाहर से दवा खरीदना नही पड़े और इलाज भी हो जाय लेकिन आयुर्वेदिक अस्पताल मांझा मे मेडसिन नही रहने के इस्थिति मे इस अस्पताल मे बाहर से दवा खरीदने की दर से इलाज कराने मरीज नही पहुंचते पाते है ऐसी इस्थिति मे इस अस्पताल मे पदस्थापित चिकित्सक बैठे अपने डियूटी का समय पूर्ण कर सरकार से बैठे वेतन ले रहे है ।






