मानवीय संवेदनाओं का बोध सबसे बड़ा धर्म- अंजू देवी
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
औरंगाबाद-थाना क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों पर दैनिक चलंत दरिद्रनारायण भोज का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ औरंगाबाद के हृदय रमेश चौक से किया गया। स्वरांजलि सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी उर्फ अंजलिआनंद ने अपने हाथों दर्जनों लावारिस दिव्यांग जनों को मिठाइयां, बिस्कुट और फूड पैकेट प्रदान किया। महिला समाजसेवी अंजू देवी ने कहा कि मानवीय संवेदनाओं को समझना ही सच्ची पूजा है। संस्था द्वारा 14 नवंबर 2012 से भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित वाल्मीकि नगर से इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। वर्तमान समय में वाल्मीकिनगर, बगहा, औरंगाबाद एवं बेंगलुरु में दैनिक चलंत दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया जाता है।

कर्नाटक राज्य प्रभारी स्वरांजलि सरगम बेंगलुरु के आसपास के इलाकों में ऐसे लोगों को भोजन प्रदान करती है। और भूले भटके लोगों को उनके परिजनों से मिलवाने का प्रयास करती हैं। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद ने कहा कि मानव सेवा सच्ची सेवा है। इससे बड़ा धर्म कोई दूसरा नहीं है । विदित हो कि संस्था द्वारा अब तक ऐसे दर्जनों भूले भटके दिव्यांग जनों को उनके परिजनों से मिलवाया जा चुका है। संस्था को समय-समय पर सहयोग प्रदान करने वाले सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजु देवी ने कहा कि वैसे लोग बधाई के पात्र हैं जो संस्था के सामाजिक और धार्मिक कार्यों से प्रभावित होकर संस्था को सहयोग प्रदान करते हैं।

वर्ल्ड मीडिया इन्फोटेनमेंट के निर्माता निर्देशक राजेश गुप्ता, नवरत्न प्रसाद, जगदीश प्रसाद, मुकेश कुमार सोनी, लक्ष्मण कुमार, पीडीएस के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, फौजी विद्यासागर राणा, फौजी चंद्र मोहन तिवारी, समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, नेपाल के धर्मपाल गुरु वशिष्ठ जी महाराज, पवन भट्टराई, भक्त श्री कृष्णा पांडे, समाजसेवी विजय कुमार, शिव चंद्र शर्मा, अखिलानंद, झारखंड प्रभारी अनुज कुमार आदि के प्रति आभार प्रकट किया गया । इस अवसर पर बबलू सिंह , श्री अनन्या ट्रेडर्स के छोटू कुमार गुप्ता ,मनीष अग्रवाल, धर्मेंद्र कुमार, उमेश यादव, बिरजा यादव, प्रोफेसर अनुराग, मिथिलेश कुमार ,एवं सत्येंद्र प्रसाद वर्मा आदि उपस्थित थे।






