विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा अनुमंडल अंतर्गत गंडक पार के सभी प्रखंडों में स्थित प्रमुख शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के भक्तों की जल चढ़ाने के लिए भारी भीड़ देखने को मिला। इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं,,,बल्कि आत्मा के जागरण की पवित्र रात्रि है,,,जब साधक बाहरी अंधकार के बीच अपने भीतर के प्रकाश को खोजता है,इस दिव्य बेला में “ॐ नमः शिवाय” का जप मन को शांत करता है, अहंकार को गलाता है, और जीवन में धैर्य व संतुलन का संचार करता है!
इस बार क्षेत्र में स्थित लगभग सभी मंदिरों को सजाया गया है।साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा, घर, मंदिर एवं संकल्पित स्थानों पर रुद्राभिषेक किया गया।

आचार्य नीरज शांडिल्य ने कहा कि -सनातन शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, इसी कारण महाशिवरात्रि के दिन भक्ति भाव से महादेव और मां पार्वती की पूजा की जाती है! विशेष कर कुमारी कन्याएं निर्जला व्रत रखकर पूजन करती हैं ताकि उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो!
एक कार्यक्रम में प्रख्यात कथावाचिका प्रिया प्रियदर्शनी ने भोलेनाथ का गीत सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्र मुक्त कर दिया।श्रद्धालुओं के भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था की थी।






