विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
धनहा में शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के साथ होने वाले जातीय भेदभाव और उत्पीड़न को लेकर बहुजन समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए गए यूजीसी संबंधी कानून पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटाने के लिए तत्काल अध्यादेश लाया जाए।
बहुजन चेतना मंच, इकाई–पश्चिम चम्पारण (बिहार) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थान समान अवसर और न्याय के केंद्र होने चाहिए, लेकिन आज भी वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को कई स्तरों पर भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कानून पर रोक लगने से कमजोर वर्ग के छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और संस्थानों की जवाबदेही भी प्रभावित हुई है।
मंच के जिलाध्यक्ष नन्दलाल बौद्ध ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए अध्यादेश के माध्यम से शीघ्र समाधान निकालना चाहिए। वहीं संयोजक तुलसी रंजन मौर्य ने कहा कि जब तक शिक्षण संस्थानों में शोषण व भय-मुक्त वातावरण सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक बहुजन समाज अपनी आवाज उठाता रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बहुजन समाज के लोग उपस्थित रहे और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।






